पूर्व भारतीय क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद यूसुफ पठान से जुड़े पारिवारिक विवाद में नया बयान सामने आया है। उनके साले इमरान खान और सास नसीबजान ने पूरे मामले को लेकर सफाई दी है।
10-12 साल पुरानी दुश्मनी का नतीजा
यूसुफ पठान के साले इमरान खान ने कहा कि शनिवार रात हुई झड़प कोई अचानक घटना नहीं थी, बल्कि यह दोनों पक्षों के बीच 10-12 साल पुरानी दुश्मनी का नतीजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में बेवजह यूसुफ पठान का नाम घसीटा जा रहा है, जबकि उनका इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। इमरान खान के मुताबिक, यह सब सिर्फ उनकी छवि खराब करने के लिए किया जा रहा है।
बच्चों के बीच शुरू हुआ था झगड़ा
यूसुफ पठान की सास नसीबजान ने कहा कि झगड़ा बच्चों के बीच शुरू हुआ था, जिसमें दोनों पक्षों के लोग घायल हुए। उन्होंने भी आरोप लगाया कि उनके दामाद को बिना वजह बदनाम किया जा रहा है। उनका कहना है कि चुनाव के माहौल में जानबूझकर इस मामले को तूल देकर यूसुफ पठान की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
तीनों आरोपी रिश्तेदारों की जमानत याचिका खारिज
वहीं, माजगांव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने टीएमसी सांसद यूसुफ पठान के तीनों आरोपी रिश्तेदारों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इन आरोपियों पर अपने पड़ोसी पर हमला करने का आरोप है। तीनों आर्थर रोड जेल में बंद हैं।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि सोमवार को सांसद यूसुफ पठान के ससुर खालिद खान, साले उमरशाद खान और एक अन्य रिश्तेदार शोएब खान को मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 2 मई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज है। पुलिस के अनुसार, यह पूरी घटना शनिवार रात करीब 9 बजे भायखला इलाके में हुई। स्थानीय निवासी यूसुफ खान अपनी कार से घर लौट रहे थे। सड़क पर बने एक गड्ढे के कारण कार का टायर पानी में गया और छींटे पास खड़े शोएब खान पर पड़ गए। यूसुफ खान का दावा है कि उन्होंने तुरंत गाड़ी रोककर माफी मांगी, लेकिन विवाद सुलझने के बजाय हिंसक हो गया।
आरोप है कि माफी मांगने के बावजूद शोएब ने गाली-गलौज की और बांस की लकड़ी से कार का विंडशील्ड तोड़ दिया। मामला तब और बिगड़ गया जब यूसुफ खान पुलिस स्टेशन जा रहे थे। रास्ते में उनकी मुलाकात यूसुफ पठान के ससुर खालिद खान से हुई। आरोप है कि खालिद खान, उनके बेटे उमरशाद और अन्य साथियों ने यूसुफ खान के परिवार पर बांस की लाठियों और बेसबॉल बैट से हमला कर दिया।
ये भी पढ़ें-
कलकत्ता हाईकोर्ट से ममता बनर्जी सरकार को झटका, सीधे लगा दिया जुर्माना; जानें क्या है कारण
बंगाल और तमिलनाडु में चला चुनाव आयोग का हंटर, जानें कहां हुई ज्यादा कैश और शराब की जब्ती